lalittripathi@rediffmail.com

Lalit Tripathi

Lalit Tripathi
2523 posts
सामान्य (ऑर्डिनरी) इंसान की असमान्य (एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी) इंसान बनने की यात्रा
Stories

जिनके भगवान भी ॠणी हैं

जिनके भगवान भी ॠणी हैं एक भक्त थे। उन्होंने भगवान का नाम जपते हुए जीवन बिता दिया पर भगवान से कभी कुछ नहीं माँगा। एक दिन वे भक्त बिहारी जी के मंदिर गए। पर यह क्या वहाँ उन्हें भगवान नहीं...

Quotes

सुविचार

जय श्री राधे कृष्ण ….. " हर रिश्ते में दो बातें सबसे जरूरी है, एक दूसरे की मौजूदगी की कद्र करना और गैर मौजूदगी में भी भरोसा बनाए रखना..!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....

Quotes

सुविचार

जय श्री राधे कृष्ण ….. " गाय को भोजन कराने का पक्षियों को पानी पिलाने का किसी गिरे हुए को उठाने का और..किसी को सही राह दिखाने का अवसर मिल जाये तो कभी चूकना नहीं चाहिए, हम कई ऋणों से...

Stories

सलाह

सलाह एक व्यक्ति ने अगरबत्ती की दुकान खोली। नाना प्रकार की अगरबत्तियां थीं। उसने दुकान के बाहर एक साइन बोर्ड लगाया- "यहाँ सुगन्धित अगरबत्तियां मिलती हैं।" दुकान चल निकली। एक दिन एक ग्राहक उसके दुकान पर आया और कहा- आपने...

Quotes

सुविचार

जय श्री राधे कृष्ण ….. " कहाँ मिलेंगे लोग मन के मुताबिक, कुछ हमें भी ढलना पड़ता है उनके मुताबिक..!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....

Stories

ऊंट किस करवट बैठे

ऊंट किस करवट बैठे एक मनिहारी थी चूड़ी बेचा करती थी और एक सब्जी वाला था। दोनों बाजार गए और दोनों ने अपना अपना सामान खरीदा। उन दिनों ऊंट पर सामान लादकर लोग ले जाया करते थे। सब्जी वाला एक...

Quotes

सुविचार

जय श्री राधे कृष्ण ….. " अत्यधिक चिंता ही दुख का कारण है, अत्यधिक चिंता बंद करें और खुशी से जीना शुरू करें…!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....

Stories

टेढ़ी उंगली

टेढ़ी उंगली एक 81 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने बिस्तर पर लेटते हुए अपने 83 वर्षीय बुजुर्ग पति से कहा :"सुनो .. मैंने अभी खिड़की से बाहर देखा और मुझे लगा कि गैरेज की लाइट जल रही है। क्या आप जाकर...

Quotes

सुविचार

जय श्री राधे कृष्ण ….. " जो व्यक्ति दूसरों को सहारा देता है, उसे अपने लिए सहारा मांगना नही पड़ता, परमात्मा स्वतः ही दे देता है…!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....

Stories

शबरी होना

शबरी होना यहाँ शबरी किसी नाम तक सीमित नहीं है, बल्कि एक अवस्था है। शबरी वह है जो प्रतीक्षा करना जानती है—बिना शिकायत, बिना अपेक्षा, बिना शर्त। सब्र यहाँ मजबूरी नहीं, बल्कि आंतरिक स्थिरता है।ऐसा सब्र जिसमें मन शांत रहता...

1 8 9 10 253
Page 9 of 253