lalittripathi@rediffmail.com

Lalit Tripathi

Lalit Tripathi
2732 posts
सामान्य (ऑर्डिनरी) इंसान की असमान्य (एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी) इंसान बनने की यात्रा
Stories

जगत−जननी पार्वती मां और भर्तृहरि

जगत−जननी पार्वती मां और भर्तृहरि जगत−जननी पार्वती ने एक भूखे भक्त को श्मशान में चिता के अंगारों पर रोटी सेंकते देखा तो उनका कलेजा मुँह को आ गया। वह दौड़ी−दौड़ी ओघड़दानी शंकर के पास गयीं और कहने लगीं−"भगवन्! मुझे ऐसा...

Quotes

सुविचार

जय श्री राधे कृष्ण ….. " खुशी उड़ती हुई तितली के जैसी है, जिसे पकड़ने के लिए आप जितना दौड़ेंगे ये उतना ही हमसे दूर चली जायेगी……जब हम शान्त मुद्रा मे एक जगह स्थिर हो जायेंगे तो ये खुद पे...

Stories

दस रुपये के बदले13 लाख

दस रुपये के बदले 13 लाख सेठ ने अभी दुकान खोली ही,थी l कि :- एक औरत आई और बोली:- "सेठ जी ये अपने दस रुपये लो"..। सेठ उस गरीब सी औरत को प्रश्नवाचक नजरों से देखने लगा,जैसे पूछ रहा...

Quotes

सुविचार

जय श्री राधे कृष्ण ….. " शरीर को ही नही हमे अपने शब्दों को भी सुंदर रखिए लोग हमारी शक्ल भूल जाएंगे पर हमारे शब्दों को हमेशा याद रखेंगे……..! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....

Stories

ज्ञान की प्यास

ज्ञान की प्यास एक गुरु के दो शिष्य थे। एक पढ़ाई में बहुत तेज और विद्वान था और दूसरा फिसड्डी। पहले शिष्य की हर जगह प्रसंशा और सम्मान होता था। जबकि दूसरे शिष्य की लोग उपेक्षा करते थे। एक दिन...

Quotes

सुविचार

जय श्री राधे कृष्ण ….. " जब हम में शुरू करने का साहस है तब.. हम में सफल होने का साहस भी है ..! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....

Stories

लीला परमात्मा के खेल का नाम है

लीला परमात्मा के खेल का नाम है बुद्ध ने कहा है कि गुजरता था एक नदी के किनारे से,बच्चों को रेत के घर बनाते देखा, रुककर खड़ा हो गया, इसलिए खड़ा हो गया कि बच्चे भी रेत के घर बनाते...

Quotes

सुविचार

जय श्री राधे कृष्ण ….. " कुछ मिलने पर अहंकार मत करना क्योंकि देने वाला और छीनने वाला एक ही है…..! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....

Stories

यही है राम होना

यही है राम होना वनवास के समय एक भीषण वन से गुजरते समय प्रभु एक विकराल दैत्य को देखते हैं। इतना बड़ा, कि वह सिंह,जंगली हाथियों,भैंसे आदि बड़े पशुओं को खाते हुए आगे बढ़ रहा है। संदेह न कीजिये,अधर्म का...

Quotes

सुविचार

जय श्री राधे कृष्ण ….. " इंसान जितना अपने मन को मना सके, उतना ही वो खुश रह सकता है क्योंकि अपेक्षाएं जहाँ खत्म होती है, सुकून वही से शुरू होता है..! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....

1 44 45 46 274
Page 45 of 274