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Lalit Tripathi

Lalit Tripathi
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सामान्य (ऑर्डिनरी) इंसान की असमान्य (एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी) इंसान बनने की यात्रा
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सुविचार

जय श्री राधे कृष्ण ….. " जब परिवर्तन चाहिए तो, अपनी सारी ऊर्जा को पुराने से लड़ने पर नहीं, बल्कि नए के निर्माण पर केंद्रित करना चाहिए….!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....

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यह भी नहीं रहने वाला

यह भी नहीं रहने वाला एक साधु देश में यात्रा के लिए पैदल निकला हुआ था। एक बार रात हो जाने पर वह एक गाँव में आनंद नाम के व्यक्ति के दरवाजे पर रुका। आनंद ने साधू की खूब सेवा...

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सुविचार

जय श्री राधे कृष्ण ….. " जब तक किसी भी बात की पूरी जानकारी ना हो, तब तक हमें वहाँ मौन रहना ही उत्तम है…क्योंकि.. अधूरा सत्य पूर्ण झूठ से कई गुना ज्यादा खतरनाक होता है….!! सुप्रभात आज का दिन...

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समय का सदुपयोग

समय का सदुपयोग किसी गांव में एक व्यक्ति रहता था। वह बहुत ही भला था लेकिन उसमें एक दुर्गुण था वह हर काम को टाला करता था। वह मानता था कि जो कुछ होता है भाग्य से होता है एक...

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सुविचार

जय श्री राधे कृष्ण ….. " बात ईश्वर तक पहुंचानी है तो..शिकायत नहीं, शुक्रिया वाली लाइन मे लगना क्यों कि शिकायतों वाली लाइन मे भीड बहुत है…..!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....

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हनुमानजी ऋषि आश्रम में

हनुमानजी ऋषि आश्रम में हनुमान जी जब लंका दहन करके लौट रहे थे, तब उन्हें समुद्रोलंघन, सीतान्वेषण, रावण मद-मर्दन एवं लंका दहन आदि कार्यों का कुछ गर्व हो गया। दयालु भगवान इसे ताड़ गए । हनुमान जी घोर गर्जना करते...

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सुविचार

जय श्री राधे कृष्ण ….. " आत्मविश्वास जिंदगी की सबसे खूबसूरत सुबह होती है जो हमारे पुरे दिन को *खूबसूरत बनाए रखती है….!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....

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खाली हाथ है जाना

खाली हाथ है जाना कुछ समय पहले की बात है । एक बहुत धनी आदमी था । एक बार उसके मन में भी किसी संत से ज्ञान लेने की इच्छा हुई । लेकिन उसके मन में धन का बहुत अहंकार...

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सुविचार

जय श्री राधे कृष्ण ….. " कल धूप से परेशान आज तकलीफ बारिश से शिकायतें बेशुमार है इंसान की आदत में….!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....

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प्रभु ही पालनहार हैँ

प्रभु ही पालनहार है जो सम्पूर्ण सृष्टि की उत्पत्ति, पालन और संहार करनेवाले हैं, उन्हीं परमात्मा के हम अंश हैं। हम भले ही भगवान को भूल गये हों, पर वे हमें नहीं भूले हैं, हम कैसे ही क्यों न हों,...

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