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Lalit Tripathi

Lalit Tripathi
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सामान्य (ऑर्डिनरी) इंसान की असमान्य (एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी) इंसान बनने की यात्रा
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जिनके भगवान भी ॠणी हैं

जिनके भगवान भी ॠणी हैं एक भक्त थे। उन्होंने भगवान का नाम जपते हुए जीवन बिता दिया पर भगवान से कभी कुछ नहीं माँगा। एक दिन वे भक्त बिहारी जी के मंदिर गए। पर यह क्या वहाँ उन्हें भगवान नहीं...

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सुविचार

जय श्री राधे कृष्ण ….. " हर रिश्ते में दो बातें सबसे जरूरी है, एक दूसरे की मौजूदगी की कद्र करना और गैर मौजूदगी में भी भरोसा बनाए रखना..!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....

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सुविचार

जय श्री राधे कृष्ण ….. " गाय को भोजन कराने का पक्षियों को पानी पिलाने का किसी गिरे हुए को उठाने का और..किसी को सही राह दिखाने का अवसर मिल जाये तो कभी चूकना नहीं चाहिए, हम कई ऋणों से...

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सलाह

सलाह एक व्यक्ति ने अगरबत्ती की दुकान खोली। नाना प्रकार की अगरबत्तियां थीं। उसने दुकान के बाहर एक साइन बोर्ड लगाया- "यहाँ सुगन्धित अगरबत्तियां मिलती हैं।" दुकान चल निकली। एक दिन एक ग्राहक उसके दुकान पर आया और कहा- आपने...

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सुविचार

जय श्री राधे कृष्ण ….. " कहाँ मिलेंगे लोग मन के मुताबिक, कुछ हमें भी ढलना पड़ता है उनके मुताबिक..!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....

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ऊंट किस करवट बैठे

ऊंट किस करवट बैठे एक मनिहारी थी चूड़ी बेचा करती थी और एक सब्जी वाला था। दोनों बाजार गए और दोनों ने अपना अपना सामान खरीदा। उन दिनों ऊंट पर सामान लादकर लोग ले जाया करते थे। सब्जी वाला एक...

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सुविचार

जय श्री राधे कृष्ण ….. " अत्यधिक चिंता ही दुख का कारण है, अत्यधिक चिंता बंद करें और खुशी से जीना शुरू करें…!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....

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टेढ़ी उंगली

टेढ़ी उंगली एक 81 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने बिस्तर पर लेटते हुए अपने 83 वर्षीय बुजुर्ग पति से कहा :"सुनो .. मैंने अभी खिड़की से बाहर देखा और मुझे लगा कि गैरेज की लाइट जल रही है। क्या आप जाकर...

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सुविचार

जय श्री राधे कृष्ण ….. " जो व्यक्ति दूसरों को सहारा देता है, उसे अपने लिए सहारा मांगना नही पड़ता, परमात्मा स्वतः ही दे देता है…!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....

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शबरी होना

शबरी होना यहाँ शबरी किसी नाम तक सीमित नहीं है, बल्कि एक अवस्था है। शबरी वह है जो प्रतीक्षा करना जानती है—बिना शिकायत, बिना अपेक्षा, बिना शर्त। सब्र यहाँ मजबूरी नहीं, बल्कि आंतरिक स्थिरता है।ऐसा सब्र जिसमें मन शांत रहता...

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