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Lalit Tripathi

Lalit Tripathi
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सामान्य (ऑर्डिनरी) इंसान की असमान्य (एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी) इंसान बनने की यात्रा
Quotes

सुविचार

जय श्री राधे कृष्ण ….. " " त्योहारों में गांव जाती ये भीड़ अहसास कराती है..शहर के पैसे से बड़ी , गांव के त्योहारों की खुशी है..!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....

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आस्था की अग्नि

“आस्था की अग्नि” विंध्याचल पर्वत की तलहटी में बसा “श्रीवन” गाँव कभी हरियाली से भरा था। खेतों में सुनहरी फसलें लहराती थीं, पर अब वहाँ सूखा पड़ गया था। जलस्रोत सूख चुके थे, और गाँव के लोग निराश हो चुके...

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सुविचार

जय श्री राधे कृष्ण ….. " " हमारी ज़िन्दगी में जो अच्छे लोग हैं, उनकी तारीफ़ ज़रूर करें, अच्छे लोग मुश्किल से मिलते हैं ..!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....

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कृष्ण सदा सहायते

कृष्ण सदा सहायते वृंदावन में एक बार एक ग्वाला कृष्ण के प्रति बहुत प्रेम रखता था। उसका नाम माधव था। माधव बहुत साधारण व्यक्ति था, पर उसका हृदय श्रीकृष्ण के लिए अपार भक्ति से भरा हुआ था। माधव रोज़ सुबह...

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सुविचार

जय श्री राधे कृष्ण ….. " " भगवान कभी भरोसा नहीं तोड़ते…भगवान की यही एक कमजोरी है….!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....

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खीर की प्रसादी

खीर की प्रसादी बरसाना में श्री रूप गोस्वामी चैतन्य महाप्रभु के छः शिष्यों में से एक थे। एक बार भ्रमण करते-करते अपने चेले जीव गोस्वामी जी के यहाँ बरसाना आए।जीव गोस्वामी जी ठहरे फक्कड़ साधू। फक्कड़ साधू को जो मिल...

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सुविचार

जय श्री राधे कृष्ण ….. " "सुख-दुख की न जाने कितनी फाइले रखी है इसमें, कौन कहता है कि दिल में आलमारियां नहीं होती……!! गोवर्धन पूजा की हार्दिक शुभकामनाए एवं बधाई.. सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....

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कर्म फल भोगना पड़ता है

कर्म फल भोगना पड़ता है एक बार लक्ष्मी और नारायण धरा (पृथ्वी) पर घूमने आए, कुछ समय घूम कर वो विश्राम के लिए एक बगीचे में जाकर बैठ गए। नारायण आंख बंद कर लेट गए, लक्ष्मी जी बैठ कर नज़ारे...

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सुविचार

जय श्री राधे कृष्ण ….. " "परिवार के समस्त सदस्य आनंदपूर्वक साथ साथ हो, हर दिन ही दीपावली है …….!! दीपावली की हार्दिक शुभकामनाए एवं बधाई.. सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....

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निर्मल हृदय की दीपावली

निर्मल हृदय की दीपावली कार्तिक अमावस्या की रात थी। आकाश में न तारा चमक रहा था, न चाँद की किरणें थीं—चारों ओर केवल गहरा, अंधकार फैला हुआ था। सारे जीव जैसे किसी मौन पूजा में लीन थे। ऐसी शुभ रात्रि...

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