हाथी की रस्सी
एक बार एक आदमी रास्ते से कहीं जा रहा था। रास्ते में उसे एक वयस्क हाथी दिखा, जो बहुत ही विशालकाय था, लेकिन इतना ताकतवर होने के बावजूद वह एक कमजोर रस्सी से बंधा हुआ था। वह आदमी अचानक वहाँ...
एक बार एक आदमी रास्ते से कहीं जा रहा था। रास्ते में उसे एक वयस्क हाथी दिखा, जो बहुत ही विशालकाय था, लेकिन इतना ताकतवर होने के बावजूद वह एक कमजोर रस्सी से बंधा हुआ था। वह आदमी अचानक वहाँ...
जय श्री राधे कृष्ण …….." क्रोध में मनुष्य अपने मन की बात कहने के बजाय दूसरों के ह्रदय को ज्यादा दुखाता हैं…..!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....
आज सुबह से ही मानो घर में त्यौहार-सा माहौल लग रहा है। मम्मी जी के चेहरे की चमक और रसोई से आती पकवानों की महक दोनों की वजह एक ही है, आज दोपहर को खाने ( लंच ) पर उनकी...
जय श्री राधे कृष्ण …….. "कमजोर जब जुल्म से तंग होकर टक्कर लेने का फैसला करता है तो बड़े से बड़े ताकतवर को तबाह कर देता है…..!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....
दो भाई थे । आपस में बहुत प्यार था। खेत अलग-अलग थे..आजु बाजू में। बड़ा भाई शादीशुदा था…छोटा अकेला। एक बार खेती बहुत अच्छी हुई..अच्छी फ़सल हुई। अपने खेत में काम करते करते बड़े भाई ने बगल के खेत में...
जय श्री राधे कृष्ण …….. " सुख-दुःख अपने नसीब से मिलता है, अमीरी -गरीबी से इसका कोई लेना देना नहीं है, रोने वाले महलों में भी रोते हैं, यदि किस्मत में खुशियां हों तो हँसी झोपड़ी में भी गूंजती है...
"पिताजी, आपका एक बैग मैने तैयार कर दिया है और दूसरा खाना खाने के बाद लगा दूंगी। कुछ और रखना हो तो याद दिला देना " सिया ने अपने ससुर को खाना परोसते हुए कहा। " हाँ बेटा कोई...
जय श्री राधे कृष्ण……. किसी मे बुराई तलाश करने वाले इंसान की मिसाल उस मक्खी की तरह है जो सारे खूबसूरत जिस्म को छोडकर केवल जख्म पर ही बैठती है……. !!! सुप्रभात आपका दिन शुभ हो….....
कहां राजा भोज- कहां गंगू तेली यह कहावत क्यों बनी ? बचपन से लेकर आज तक हजारों बार इस कहावत को सुना था कि "कहां राजा भोज- कहां गंगू तेली" आमतौर पर यह ही पढ़ाया और बताया जाता था कि...
जय श्री राधे कृष्ण …….. " इतिहास लिखने के लिए कलम से अधिक हौसलों की आवश्यकता होती हैं…..!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....