अयोध्या आंदोलन के हनुमान-3 – कोठारी बंधु
अयोध्या आंदोलन के हनुमान-3 – कोठारी बंधु साल था 1990 और महीना था दिसंबर। पहले हफ्ते के एक दिन डाकिया आज के कोलकाता और तब के कलकत्ता के खेलत घोष लेन स्थित एक घर में पोस्टकार्ड लेकर पहुॅंचता है। बकौल...
अयोध्या आंदोलन के हनुमान-3 – कोठारी बंधु साल था 1990 और महीना था दिसंबर। पहले हफ्ते के एक दिन डाकिया आज के कोलकाता और तब के कलकत्ता के खेलत घोष लेन स्थित एक घर में पोस्टकार्ड लेकर पहुॅंचता है। बकौल...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी, सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी, बूड़त बिरह जलधि हनुमाना, भयहु तात मो कहुँ जल जाना……!!. भावार्थ:- भगवान का जन (सेवक) जान कर अत्यंत गाढ़ी प्रीत हो गई । नेत्रों में जल...
अयोध्या आंदोलन के हनुमान-2–चम्पतराय जी 1975 इँदिरा गाँधी द्वारा थोपे आपातकाल के समय बिजनौर के धामपुर स्थित आर एस एम डिग्री कॉलेज में एक युवा प्रोफेसर चंपत राय जी, बच्चों को फिजिक्स पढ़ा रहे थे, तभी उन्हें गिरफ्तार करने वहां...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "नर बानरहि संग कहु कैसें, कही कथा भइ संगति जैसें….!! भावार्थ:- (सीता जी ने पूछा-) नर और वानर का संग कहो कैसे हुआ ? तब हनुमान जी ने जैसे संग हुआ था, वह सब कथा...
अयोध्या आंदोलन के हनुमान -अशोक सिंहल जी जाने-माने पत्रकार भानुप्रताप शुक्ल ने अपने जीवन के अंतिम दिनों में एक राज खोला। वह यह कि उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक गुरू जी गोलवलकर से एक दिन पूछ ही लिया कि...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "मेंढक को सोने की कुर्सी पर भी बैठा देंगे फिर भी वो छलांग लगा कर दोबारा कीचड़ में ही जायेगा, जिंदगी में कुछ लोग इसी तरह के होते हैं….!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "राम दूत मैं मातु जानकी, सत्य सपथ करुणानिधान की, यह मुद्रिका मातु मैं आनी, दीन्हि राम तुम्ह कहं सहिदानी….!! भावार्थ:- (हनुमान जी ने कहा) हे माता जानकी ! मैं श्री राम जी का दूत हूंँ...
प्रभु चरणों में चिन्तन मित्रो बहुत आनन्दमय् प्रसंग है, जब माता जानकीजी के साथ प्रभु चौदह वर्ष के लिये वनवास को पधार रहे थे। भगवान् श्री रामजी सीताजी से कहते हैं देवी आप थक गयीं होगी, माँ जानकीजी ने हँसते...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "श्रवनामृत जेहिं कथा सुहाई, कही सो प्रगट होति किन भाई, तब हनुमंत निकट चलि गयऊ, फिरि बैठीं मन बिसमय भयऊ….!! भावार्थ:- (सीता जी बोलीं-) जिस ने कानों के लिए अमृत रूप यह सुंदर कथा कही...
प्रतीक्षा हे महादेव- रोंगटे खड़े देने वा ला लेख,आंखों में आंसू ला देने वाला लेख ,अवश्य पढ़ें- महंत पन्ना कुंए मे कूदने से पहले नंदी के पास गए ! आँखे बंद करी और उनके कान में कहने लगे :- "विपत्ति...