lalittripathi@rediffmail.com

Lalit Tripathi

Lalit Tripathi
2720 posts
सामान्य (ऑर्डिनरी) इंसान की असमान्य (एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी) इंसान बनने की यात्रा
Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-92

जय श्री राधे कृष्ण ……. "मन सन्तोष सुनत कपि बानी, भगति प्रताप तेज बल सानी, आसिष दीन्हि रामप्रिय जाना, होहु तात बल सील निधाना…..!! भावार्थ:- भक्ति, प्रताप, तेज और बल से सनी हुई हनुमान जी की वाणी सुन कर सीता...

Stories

निर्धन का सम्मान

निर्धन का सम्मान एक निर्धन व्यक्ति था। वह नित्य भगवान विष्णु और लक्ष्मी की पूजा करता। एक बार दीपावली के दिन भगवती लक्ष्मी की श्रद्धा-भक्ति से पूजा-अर्चना की। कहते हैं उसकी आराधना से लक्ष्मी प्रसन्न हुईं। वह उसके सामने प्रकट...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-91

जय श्री राधे कृष्ण ……. "सीता मन भरोस तब भयऊ, पुनि लघु रुप पवनसुत लयऊ…..!! भावार्थ:- तब (उसे देखकर) सीता जी के मन में विश्वास हुआ। हनुमान जी ने फिर छोटा रुप धारण कर लिया….!! सुनु माता साखामृग नहिं बल...

Stories

एक चुटकी ईमानदारी

एक चुटकी ईमानदारीरामू काका अपनी ईमानदारी और नेक स्वाभाव के लिए पूरे गाँव में प्रसिद्द थे। एक बार उन्होंने अपने कुछ मित्रों को खाने पर आमंत्रित किया। वे अक्सर इस तरह इकठ्ठा हुआ करते और साथ मिलकर अपनी पसंद का...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-90

जय श्री राधे कृष्ण ……. "मोरें हृदय परम संदेहा, सुनि कपि प्रगट कीन्हि निज देहा, कनक भूधराकार सरीरा, समर भयंकर अतिबल बीरा….!! भावार्थ:- अतः मेरे हृदय में बड़ा भारी संदेह होता है (कि तुम जैसे बंदर राक्षसों को कैसे जीतेंगे)।...

Stories

श्री कृष्ण-अर्जुन संवाद:-

श्री कृष्ण-अर्जुन संवाद:-अर्जुन ने पूछा- हे गोविंद! जैसे अग्नि को हाथ लगाने से तुरंत मनुष्य का हाथ जल जाता है, ठीक वैसे ही बुरा कर्म करने पर मनुष्य को उस कर्म का फल उसी समय क्यों नहीं मिल जाता है?….श्री...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-89

जय श्री राधे कृष्ण ……. "निसिचर मारि तोहि लै जैहहिं, तिहुँ पुर नारदादि जसु गैहहिं, हैं सुत कपि सब तुम्हहि समाना, जातुधान अति भट बलवाना….."! भावार्थ:- और राक्षसों को मार कर आप को ले जाएंगे । नारद आदि (ऋषि -...

Stories

कोयले का टुकड़ा

कोयले का टुकड़ा अमित एक मध्यम वर्गीय परिवार का लड़का था।  वह बचपन से ही बड़ा आज्ञाकारी और मेहनती छात्र था।  लेकिन जब से उसने कॉलेज में दाखिला लिया था ,उसका व्यवहार बदलने लगा था। अब न तो वो पहले...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-88

जय श्री राधे कृष्ण ……. "अबहिं मातु मैं जाउँ लवाई, प्रभु आयसु नहिं राम दोहाई, कछुक दिवस जननी धरु धीरा, कपिन्ह सहित अइहहिं रघुबीरा…..!! भावार्थ:- हे माता ! मैं आप को अभी यहां से लिवा जाउँ, पर श्री राम चंद्र...

Stories

दीक्षा की महिमा

एक बार एक मानव एक सन्त के पास गया और बोला आप मुझे दीक्षा देकर मेरा उद्धार कीजिये परन्तु मेरी कुछ मांगों को पूरा करके मुझ पर कृपा करें आशा है कि आप मुझे निराश नही लौटायँगे सन्त उसके भाव...

1 163 164 165 272
Page 164 of 272