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Lalit Tripathi

Lalit Tripathi
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सामान्य (ऑर्डिनरी) इंसान की असमान्य (एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी) इंसान बनने की यात्रा
Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-205

जय श्री राधे कृष्ण ……. " काम क्रोध मद लोभ सब नाथ नरक के पंथ, सब परिहरि रघुबीरहि भजहु भजहिं जेहि संत ।। भावार्थ:- हे नाथ! काम, क्रोध, मद और लोभ - ये सब नरक के रास्ते हैं । इन...

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छबील क्यूं लगाई जाती है

छबील क्यूं लगाई जाती है श्री गुरु अर्जुनदेव जी को जिस दिन गर्म तवी पर बिठाया गया, उसी शाम को गुरु जी को वापिस जेल मे डाल दिया गया, और बहुत सख्त पहरा लगा दिया गया कि कोई भी गुरुजी...

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सुविचार-सुन्दरकाण्ड-204

जय श्री राधे कृष्ण ……. "चौदह भुवन एक पति होई, भूत द्रोह तिष्टइ नहिं सोई, गुन सागर नागर नर जोऊ, अलप लोभ भल कहइ न कोऊ ।। भावार्थ:- चौदहों भुवनों का एक ही स्वामी हो, वह भी जीवों से वैर...

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सती सुलोचना

सती सुलोचना  सुलोचना वासुकी नाग की पुत्री और लंका के राजा रावण के पुत्र मेघनाद की पत्नी थी। लक्ष्मण के साथ हुए एक भयंकर युद्ध में मेघनाद का वध हुआ। उसके कटे हुए शीश को भगवान श्रीराम के शिविर में...

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सुविचार-सुन्दरकाण्ड-203

जय श्री राधे कृष्ण ……. "जो आपन चाहै कल्याना, सुजसु सुमति सुभ गति सुख नाना, सो परनारि लिलार गोसाईं, तजउ चउथि के चंद कि नाईंं ।। भावार्थ:- जो मनुष्य अपना कल्याण, सुन्दर यश, सुबुद्धि, शुभ गति और नाना प्रकार के...

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डाकू और बढ़ई

डाकू और बढ़ई एक गाँव में एक बढ़ई रहता था। वह शरीर और दिमाग से बहुत मजबूत था। एक दिन उसे पास के गाँव के एक अमीर आदमी ने फर्नीचर फिट करने के लिए बुलाया। जब वहाँ का काम खत्म...

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सुविचार-सुन्दरकाण्ड-202

जय श्री राधे कृष्ण ……. "पुनि सिरु नाइ बैठ निज आसन, बोला बच पाइ अनुसासन, जौ कृपाल पूँछिहु मोहि बाता, मति अनुरूप कहउँ हित ताता ।। भावार्थ:- फिर वे सिर नवा कर अपने आसन पर बैठ गये और आज्ञा पाकर...

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जिस दिन आप अच्छा कमाने लगेंगे उस दिन आ जाना मुझे लेने

जिस दिन आप अच्छा कमाने लगेंगे उस दिन आ जाना मुझे लेने जब मेरी शादी हुई तो मुझे पता था जिस व्यक्ति से मेरी शादी हो रही है वो काफी कम कमाता है, पर 35 साल की उम्र होने पर...

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सुविचार-सुन्दरकाण्ड-201

जय श्री राधे कृष्ण ……. "सोइ रावन कहुँ बनी सहाई, अस्तुति करहिं सुनाई सुनाई, अवसर जानि बिभीषनु आवा, भ्राता चरन सीसु तेहिं नावा ।। भावार्थ:- रावण के लिए भी वही सहायता (संयोग) आ बनी है । मन्त्री उसे सुना-सुना कर...

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जरा सा मुस्कुरा के चलिए

जरा सा मुस्कुरा के चलिए वक़्त तक़रीबन रात के 8 बजे का रहा होगा।एक छोटा बच्चा मद्धिम रौशनी में अपनी पढ़ाई कर रहा था औऱ पास में ही उसकी माँ रोटियां पका रही थी । तभी बच्चे के पिता खाने...

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