भय का कारण विश्वास की कमी
परम श्रद्धेय स्वामी जी महाराज जी कह रहे हैं कि सेठ जी कहते थे कि भगवान् हैं । ऐसा दृढ़ विश्वास । तो जनाना भगवान् की जिम्मेवारी हो जाती है । जिसे भगवान् जना देते हैं, वही जानते हैं ।...
परम श्रद्धेय स्वामी जी महाराज जी कह रहे हैं कि सेठ जी कहते थे कि भगवान् हैं । ऐसा दृढ़ विश्वास । तो जनाना भगवान् की जिम्मेवारी हो जाती है । जिसे भगवान् जना देते हैं, वही जानते हैं ।...
बाल केशव ठाकरे (23 जनवरी 1926 - 17 नवम्बर 2012) भारत के महाराष्ट्र प्रदेश के प्रसिद्ध राजनेता थे जिन्होने शिव सेना के नाम से एक प्रखर मराठीवादी दल का गठन किया था। उन्हें लोग बालासाहेब ठाकरे भी कहते थे। वे मराठी में सामना नामक समाचार-पत्र निकालते थे। ठाकरे ने अपने...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "कहेउ राम बियो तव सीता, मो कहु सकल भए बिपरीता, नव तरु किसलय मनहुँ कृसानू, कालनिसा सम निसि ससि भानू…..!! भावार्थ:- (हनुमान जी बोले), श्री रामचंद्र जी ने कहा है कि हे सीते! तुम्हारे वियोग...
आडवाणी जी का जन्म 8 नवंबर 1927 को सिन्ध प्रान्त (पाकिस्तान) में हुआ था। वह कराची के सेंट पैट्रिक्स स्कूल में पढ़ें हैं और उनके देशभक्ति के जज्बे ने उन्हें राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया।...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "रघुपति कर संदेसु अब सुनु जननी धरि धीर, अस कहि कपि गदगद भयउ भरे बिलोचन नीर….!! भावार्थ:- हे माता! अब धीरज धर कर श्री रघुनाथ जी का संदेश सुनिए। ऐसा कह कर हनुमान जी प्रेम...
विनय कटियार (जन्म 11 नवंबर 1954) एक राजनीतिज्ञ और भारत में हिंदू राष्ट्रवादी संगठन विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) की युवा शाखाबजरंग दल के संस्थापक- अध्यक्ष हैं । उन्होंने भारतीयजनतापार्टी (भाजपा) के खिल भारतीय महासचिव और लोकसभा और राज्यसभा दोनों में संसद सदस्य के रूप में कार्य किया है । कटियार का जन्म देवी चरण कटियार और श्याम काली...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "मातु कुसल प्रभु अनुज समेता, तव दुख दुखी सुकृपा निकेता, जनि जननी मानहु जिय ऊना, तुम्ह ते प्रेमु राम कें दूना….!! भावार्थ:- हे माता ! सुंदर कृपा के धाम प्रभु भाई लक्ष्मण जी के सहित...
कल्याण सिंह लोधी (5 जनवरी 1932 – 21 अगस्त 2021) एक भारतीय राजनीतिज्ञ थे वो राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल रह चुके हैं। इससे पहले वो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी रहे। वो दो बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। विवादित बाबरी ढांचा विध्वंस होने के...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "बचनु न आव नयन भरे बारी, अहह नाथ हौं निपट बिसारी, देखि परम बिरहाकुल सीता, बोला कपि मृदु बचन बिनीता…..!! भावार्थ:- (मुंह से) वचन नहीं निकलता, नेत्रों में (विरह के आंसुओं का) जल भर आया...
आचार्य धर्मेंद्र का पूरा जीवन हिंदी, हिंदुत्व और हिन्दुस्तान के उत्कर्ष के लिए समर्पित रहा। अपने पिता महात्मा रामचन्द्र वीर महाराज के समान उन्होंने भी अपना सम्पूर्ण जीवन भारत माता और उसकी संतानों की सेवा में, अनशनों, सत्याग्रहों, जेल यात्राओं,...