lalittripathi@rediffmail.com

Lalit Tripathi

Lalit Tripathi
2539 posts
सामान्य (ऑर्डिनरी) इंसान की असमान्य (एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी) इंसान बनने की यात्रा
Stories

खुशी…

खुशी... तुर्की के एक प्रसिद्ध कवि ने अपने नामचीन चित्रकार मित्र से अनुरोध किया वह 'खुशी' पर एक पेन्टिंग बनायें। लिहाजा,चित्रकार ने एक चरमराये बिस्तर पर मधुर नींद सोये एक परिवार की पेन्टिंग बनायी। उस बिस्तर का एक पाया भी...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-197

जय श्री राधे कृष्ण ……. "जौं आवइ मर्कट कटकाई, जिअहिं बिचारे निसिचर खाई, कंपहिं लोकप जाकीं त्रासा, तासु नारि सभीत बड़ि हासा ।। भावार्थ:- यदि वानरों की सेना आवेगी तो बेचारे राक्षस उसे खा कर अपना जीवन निर्वाह करेंगे ।...

Stories

निष्काम प्रेम ही सच्ची भक्ति है

निष्काम प्रेम ही सच्ची भक्ति है एक गाँव में एक बूढ़ी माई रहती थी । माई का आगे – पीछे कोई नहीं था इसलिए बूढ़ी माई बिचारी अकेली रहती थी । एक दिन उस गाँव में एक साधू आया ।...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-196

जय श्री राधे कृष्ण ……. "श्रवन सुनी सठ ता करि बानी, बिहसा जगत बिदित अभिमानी, सभय सुभाउ नारि कर साचा, मंगल महुँ भय मन अति काचा ।। भावार्थ:- मूर्ख और जगत प्रसिद्ध अभिमानी रावण कानों से उसकी वाणी सुन कर...

Stories

अपनी गठरी टटोलें

अपनी गठरी टटोलें दो आदमी यात्रा पर निकले! दोनों की मुलाकात हुई, दोनों का गंतव्य एक था तो दोनों यात्रा में साथ हो चले... सात दिन बाद दोनों के अलग होने का समय आया तो एक ने कहा:-भाई साहब !...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-195

जय श्री राधे कृष्ण ……. "राम बान अहिगन सरिस, निकर निसाचर भेक, जब लगि ग्रसत न तब लगि जतनु करहु तजि टेक ।। भावार्थ:- श्री राम जी के बाण सर्पो के समूह के समान हैं और राक्षसों के समूह मेंढक...

Stories

कंपकपाते हाथ बेटे को आशीर्वाद

कंपकपाते हाथ बेटे को आशीर्वाद जल्दी जल्दी नींद में बिस्तर पर छूट गयी पेशाब को मनोहर जी साफ करने में लगे थे कि कहीं बहू बेटा ना देख ले.... कल ही तो बहू काजल ने दूसरी चादर बिछायी थी.... कितना...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-194

जय श्री राधे कृष्ण ……. "तव कुल कमल बिपिन दुखदाई, सीता सीत निसा सम आई, सुनहु नाथ सीता बिनु दीन्हें, हित न तुम्हार संभु अज कीन्हें ।। भावार्थ:- सीता आप के कुल रूपी कमलों के वन को दु:ख देने वाली...

Stories

कर्म

कर्मजिस प्रकार कर्म जीवन का स्वभाव है। उसी प्रकार कर्म फल का भोग भी जीवन की अनिवार्यता है। मनुष्य जिस प्रकार के कर्म करता है। उस प्रकार का फल उसे न चाहते हुए भी देर-सबेर अवश्य भोगना ही पड़ता है।जाने-अनजाने...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-193

जय श्री राधे कृष्ण ……. "समुझत जासु दूत कइ करनी, स्त्रवहिं गर्भ रजनीचर घरनी, तासु नारि निज सचिव बोलाई, पठवहु कंत जो चहहु भलाई|| भावार्थ:- जिनके दूत की करनी का विचार करते ही (स्मरण आते ही) राक्षसों की स्त्रियों के...

1 123 124 125 254
Page 124 of 254