lalittripathi@rediffmail.com

Lalit Tripathi

Lalit Tripathi
2536 posts
सामान्य (ऑर्डिनरी) इंसान की असमान्य (एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी) इंसान बनने की यात्रा
Stories

भाई- भाई

भाई- भाई बचपन मे भाई के लिए जान देने वाला भाई ही क्यों बड़े होकर भाई का दुश्मन बन जाता है ?......एक सच्ची कहानी है जरा भाव से समझिये😔, गाँव के दो भाई, जमीन का विवाद  व भीषण गर्मी का...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-284

जय श्री राधे कृष्ण ….. "पूँछिहु नाथ राम कटकाई, बदन कोटि सत बरनि न जाई, नाना बरन भालु कपि धारी, बिकटानन बिसाल भयकारी ।। भावार्थ:- हे नाथ! आपने श्री राम जी की सेना पूछी, सो वह तो सौ करोड़ मुखों...

Stories

जीवन का पासवर्ड

जीवन का पासवर्डवह मेरे आफिस के दिन की एक साधारण शुरुआत थी ,जब मैं अपने आफिस के कंप्यूटर के सामने बैठा था। "आपके पासवर्ड का समय समाप्त हो गया है," इन निर्देशों के साथ मेरे कंप्यूटर की स्क्रीन पर एक...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-283

जय श्री राधे कृष्ण ….. "रावन दूत हमहि सुनि काना, कपिन्ह बाँधि दीन्हें दुख नाना, श्रवन नासिका काटैं लागे, राम सपथ दीन्हें हम त्यागे ।। भावार्थ:- हम रावण के दूत हैं, यह कानों से सुन कर वानरों ने हमें बाँध...

Stories

कर्मों का फल तो झेलना पड़ेगा

कर्मों का फल तो झेलना पड़ेगा  भीष्म पितामह रणभूमिमें शर शैया पर पड़े थे। हल्का-सा भी हिलते तो शरीर में घुसे बाण भारी वेदना के साथ रक्त की पिचकारी-सी छोड़ देते। ऐसी दशा में उनसे मिलने सभी आ जा रहे...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-282

जय श्री राधे कृष्ण ….. "नाथ कृपा करि पूँछेहु जैसें, मानहु कहा क्रोध तजि तैसें, मिला जाइ जब अनुज तुम्हारा, जातहिं राम तिलक तेहि सारा ।। भावार्थ:- (दूत ने कहा) हे नाथ ! आपने जैसे कृपा कर के पूछा है,...

Stories

घणी गई थोड़ी रही

घणी गई थोड़ी रही एक राजा को राज करते काफी समय हो गया था।उसके बाल भी सफ़ेद होने लगे थे।एक दिन उसने अपने दरबार में उत्सव रखा और अपने मित्र देश के राजाओं को भी सादर आमन्त्रित किया व अपने...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-281

जय श्री राधे कृष्ण ….. "की भइ भेंट कि फिरि गए श्रवन सुजसु सुनि मोर, कहसि न रिपु दल तेज बल बहुत चकित चित तोर ।। भावार्थ:- उनसे तेरी भेंट हुई या वे कानों से मेरा सुयश सुन कर ही...

Stories

सीख

सीख एक बार कि बात है, एक गुरू अपने कुछ शिष्यों के साथ पैदल ही यात्रा पर थे। वे चलते-चलते किसी गांव में पहुंच गए। ये गांव काफी बड़ा था, वहां घूमते हुए उन्हें काफी देर हो गयी थी। गुरू...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-280

जय श्री राधे कृष्ण ….. "जिन्ह के जीवन कर रखवारा, भयउ मृदुल चित सिंधु बिचारा, कहु तपसिन्ह कै बात बहोरी, जिन्ह के हृदयँ त्रास अति मोरी ।। भावार्थ:- और जिनके जीवन का रक्षक कोमल चित्त वाला बेचारा समुद्र बन गया...

1 105 106 107 254
Page 106 of 254