शिव हमे क्या सिखाते हैँ
शिव हमें सिखाते हैँ की मानव जीवन में चाहे जैसी भी परिस्थिति क्यों न हो, प्रत्येक परिस्थिति में स्थिर रहना ही सबसे बड़ी शक्ति है, जब जीवन हिल रहा हो, लोग बदल रहे हों और परिस्थितियाँ भारी लगे, तब शिव की तरह मौन धारण करो।
शिव कहते हैँ हर उत्तर शब्दों में नहीं होता, कुछ उत्तर केवल धैर्य और विश्वास से मिलते हैँ, इसलिए जब कुछ छूटे तब ये मानो जो छुटा वो भी शिव की मर्ज़ी, जब कुछ मिले तब ये मानो जो मिला वो भी शिव का आशीर्वाद अर्थात न काया, न माया, बस सब शिव की छाया।
एक शिव भक्त के लिए सुख में भी शिव, दुख में भी शिव, हँसने में भी शिव, रोने में भी शिव, पाने में भी शिव और खोने में भी शिव, सांस – सांस में शिव, शिव, शिव, क्योंकि कहा गया है जब कोई नहीं सुनता तब शिव सुनते हैँ, शिव सदा सहायते, शिव सब मंगल करेंगें।
!! ॐ नमः शिवाय जी !!
जय श्रीराम

