lalittripathi@rediffmail.com
Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-290

195Views

जय श्री राधे कृष्ण …..

मर्दि गर्द मिलवहिं दससीसा, ऐसहि बचन कहहिं सब कीसा, गर्जहिं तर्जहिं सहज असंका, मानहुँ ग्रसन चहत हहिं लंका ।।

भावार्थ:– और रावण को मसल कर धूल में मिला देंगे। सब वानर ऐसे ही वचन कह रहे हैं। सब सहज ही निडर हैं । इस प्रकार गरजते और डपटते हैं, मानो लंका को निगल ही जाना चाहते हैं…….. !!

सुप्रभात

आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो..

Lalit Tripathi
the authorLalit Tripathi
सामान्य (ऑर्डिनरी) इंसान की असमान्य (एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी) इंसान बनने की यात्रा

Leave a Reply