lalittripathi@rediffmail.com
Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-183

140Views

जय श्री राधे कृष्ण …….

राम कृपा बल पाइ कपिंदा, भए पच्छजुत मनहुँ गिरिन्दा, हरषि राम तब कीन्ह पयाना, सगुन भए सुंदर सुभ नाना ।।

भावार्थ:- राम कृपा का बल पा कर श्रेष्ठ वानर मानो पंख वाले बड़े पर्वत हो गये । तब श्री राम जी ने हर्षित हो कर प्रस्थान (कूच) किया । अनेक सुंदर और शुभ शकुन हुए…….!

सुप्रभात

आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो..

Lalit Tripathi
the authorLalit Tripathi
सामान्य (ऑर्डिनरी) इंसान की असमान्य (एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी) इंसान बनने की यात्रा

Leave a Reply