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Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-161

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जय श्री राधे कृष्ण …….

नाम पाहरू दिवस निसि ध्यान तुम्हार कपाट, लोचन निज पद जंत्रित जाहिं प्रान केहिं बाट ।।

भावार्थ:- (हनुमान जी ने कहा), आप का नाम रात-दिन पहरा देने वाला है, आप का ध्यान ही किंवाड़ है । नेत्रों को अपने चरणों में लगाये रहती हैं, यही ताला लगा है, फिर प्राण जाँय तो किस मार्ग से?…….!!

दीन दयाल बिरिदु संभारी ।
हरहु नाथ मम संकट भारी ।।

सुप्रभात

आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो..

Lalit Tripathi
the authorLalit Tripathi
सामान्य (ऑर्डिनरी) इंसान की असमान्य (एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी) इंसान बनने की यात्रा

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