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Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-73

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जय श्री राधे कृष्ण …….

राम दूत मैं मातु जानकी, सत्य सपथ करुणानिधान की, यह मुद्रिका मातु मैं आनी, दीन्हि राम तुम्ह कहं सहिदानी….!!

भावार्थ:- (हनुमान जी ने कहा) हे माता जानकी ! मैं श्री राम जी का दूत हूंँ । करुणा निधान की सच्ची शपथ करता हूँ। हे माता ! यह अंगूठी मैं ही लाया हूँ। श्री राम जी ने मुझे आपके लिए यह सहिदानी (निशानी या पहिचान) दी है… ।।

सुप्रभात

आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो..

Lalit Tripathi
the authorLalit Tripathi
सामान्य (ऑर्डिनरी) इंसान की असमान्य (एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी) इंसान बनने की यात्रा

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