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Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-49

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जय श्री राधे कृष्ण …….

बहु बिधि खल सीतहि समझावा, साम दान भय भेद देखावा, कह रावनु सुन सुमुखि सयानी, मंदोदरी आदि सब रानी….!!

भावार्थ:- उस दुष्ट ने सीता जी को बहुत प्रकार से समझाया । साम, दान, भय और भेद दिखलाया। रावण ने कहा, हे सुमुखि! हे सयानी! सुनो । मंदोदरी आदि सब रानियों को …!!

सुप्रभात

आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो..

Lalit Tripathi
the authorLalit Tripathi
सामान्य (ऑर्डिनरी) इंसान की असमान्य (एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी) इंसान बनने की यात्रा

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