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सुविचार-सुन्दरकाण्ड-22

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जय श्री राधे कृष्ण …….

पुर रखवारे देखि बहु कपि मन कीन्ह बिचार, अति लघु रूप धरौं निसि नगर करौं पइसार….!!

भावार्थ:- नगर के बहुसंख्यक रख वालों को देखकर हनुमान जी ने मन में विचार किया कि अत्यंत छोटा रूप, धरूं और रात के समय नगर में प्रवेश करूं…….!!

सुप्रभात

आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो..

Lalit Tripathi
the authorLalit Tripathi
सामान्य (ऑर्डिनरी) इंसान की असमान्य (एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी) इंसान बनने की यात्रा

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