जय श्री राधे कृष्ण ……..
” “कोयल” अपनी भाषा बोलती है इसलिये आज़ाद रहती हैं। किंतु तोता दूसरे कि भाषा बोलता है, इसलिए पिंजरे में जीवन भर गुलाम रहता है। अपनी भाषा,अपना धर्म और अपने आप पर विश्वास करना चाहिए…..!!
सुप्रभात
आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो..