सुविचार
जय श्री राधे कृष्ण ….. " "मित्रता", "परिवार", "प्रेम" या कोई भी रिश्ता क्यों न हों,चालाकी जहाँ भी प्रवेश करती हैं, सब कुछ बिखेरकर रख देती हैं….!! सुप्रभात ☀️ आज का दिन आपके जीवन मेंप्रसन्नता, सकारात्मकता और मधुर ऊर्जा लेकर...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " "मित्रता", "परिवार", "प्रेम" या कोई भी रिश्ता क्यों न हों,चालाकी जहाँ भी प्रवेश करती हैं, सब कुछ बिखेरकर रख देती हैं….!! सुप्रभात ☀️ आज का दिन आपके जीवन मेंप्रसन्नता, सकारात्मकता और मधुर ऊर्जा लेकर...
लोहे का तराजू एक बार एक व्यापारी को व्यापार के सिलसिले में परदेस जाना था और उसके लिए पैसों की जरूरत थी। वह एक साहूकार के पास गया और उससे पैसे उधार लिए। व्यापारी ने अपनी लोहे की तराजू साहूकार...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " परेशान मन भगवान से सवाल करता है, शांत मन उत्तर बन जाता है…!! सुप्रभात ☀️ आज का दिन आपके जीवन मेंप्रसन्नता, सकारात्मकता और मधुर ऊर्जा लेकर आए.…...
व्यक्ति और नर्तकी किसी गाँव में एक धार्मिक व्यक्ति रहता था जो दिन भर लोगों को धर्म का उपदेश दिया करता था। उसी गाँव में एक नर्तकी थी, जो लोगों के सामने नाचकर उनका मन बहलाया करती थी। एक दिन...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " कभी-कभी 'धागे' बड़े 'कमज़ोर' चुन लेते हैं हम,पूरी उम्र 'गांठें' बान्धने में ही निकल जाती है….!! सुप्रभात ☀️ आज का दिन आपके जीवन मेंप्रसन्नता, सकारात्मकता और मधुर ऊर्जा लेकर आए.…...
ईश्वर का धन्यवाद एक राजा थे सूर्यसेन। वह बहुत बड़े दानी थे। उनका प्रतिदिन का नियम था सवेरे जल्दी उठते नदी में स्नान करके पूजा-पाठ करते तथा उसके बाद निर्धनों को दान दिया करते तब जाकर वह अन्न-जल ग्रहण किया...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " हमें अपने आपको किसी ना किसी काम मे व्यस्त रखना चाहिए, क्योंकि व्यस्त इंसान को दुखी होने का समय ही नही मिलता….!! सुप्रभात ☀️ आज का दिन आपके जीवन मेंप्रसन्नता, सकारात्मकता और मधुर ऊर्जा...
भक्त पर मां की कृपा स्वतंत्रता-पूर्व की बात है। वाराणसी के एक साधक थे, सुदर्शन जी। माता दुर्गा के परम भक्त। ब्रह्ममुहूर्त का समय था। वे गंगा जी में कमर तक डूबे जप कर रहे थे। तभी उधर से एक...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " बहुत खूबसूरत होते है वो लोग…जो वक़्त आने पर वक़्त देते है…!! सुप्रभात ☀️ आज का दिन आपके जीवन मेंप्रसन्नता, सकारात्मकता और मधुर ऊर्जा लेकर आए.…...
अंधे की परख एक राजा का दरबार लगा हुआ था, क्योंकि सर्दी का दिन था इसलिये राजा का दरवार खुले मे लगा हुआ था। पूरी आम सभा सुबह की धूप मे बैठी थी ..महाराज के सिंहासन के सामने…एक शाही मेज...