हृदय से क्षमा
हृदय से क्षमा समाप्त होते वर्ष 2025 में, मेरे मन, कर्म और वाणी से यदि जाने-अनजाने किसी को ठेस पहुँची हो, किसी का दिल दुखा हो, किसी की उम्मीद टूट गई हो – तो मैं हृदय से क्षमा माँगता हूँ।...
हृदय से क्षमा समाप्त होते वर्ष 2025 में, मेरे मन, कर्म और वाणी से यदि जाने-अनजाने किसी को ठेस पहुँची हो, किसी का दिल दुखा हो, किसी की उम्मीद टूट गई हो – तो मैं हृदय से क्षमा माँगता हूँ।...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " *नई सुबह इतनी सुहानी हो जाए; आपके दुखों की सारी बातें पुरानी हो जाएं; दे जाए इतनी खुशियां ये दिन आपको;कि ख़ुशी भी आपकी मुस्कुराहट की दीवानी हो जाए..!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता...