विश्वास वरदान देता है
अभिषेक की नौकरी लग जाती है वह मन में बहुत ज्यादा खुश हो जाता है चलो आज भगवान ने मेरी बात सुन ली है और मेरे को भी अच्छी सर्विस मिल गई है । प्रातः काल जल्दी तैयार होकर वह ऑफिस पहुंच जाता अपना कार्य बहुत ही शालीनता के साथ करना प्रारंभ कर देता था जिसके कारण पूरा स्टाफ है उसका आदर और सम्मान भी करना प्रारंभ कर देते हैं ।
शाम के समय ऑफिस जब अपने घर पर आता था अपने घर का दरवाजा खोलना इस समय घर से थोड़ी दूर पर एक कुत्तिया जिसने अपने 5 पिल्लों को जन्म दिया था उसकी गाड़ी की आवाज सुनकर दौड़कर उसके पास में आ जाते थे ।
वह प्रतिदिन ऑफिस से आते समय बाजार से बिस्किट ब्रेड लेकर अपने साथ में आता था उन छोटे-छोटे बच्चों को खिलाना प्रारंभ कर देता था बच्चे जब ब्रेड और बिस्कुट खाते खुश हो जाते उनको खुश देखकर वह भी अपने आप खुश होना प्रारंभ कर देता था ।
प्रतिदिन कार्यक्रम बन जाता है छोटे-छोटे पिल्ले हमेशा उनका इंतजार करते रहते हैं कब आएगा कब हमारे को ब्रेड और बिस्किट खाने को मिलेगा ।
एक दिन जब वह अपनी ऑफिस से आ रहा था दैरी हो जाती है वह जल्दबाजी में बिस्कुट और ब्रेड लाना भूल जाता है ।गाड़ी रोकने की आवाज आते ही सारे पिल्ले दौड़कर आ जाते हैं उनका विश्वास था अब हमारे को ब्रेड और बिस्किट मिलेगा पर आज वह खाली हाथ आया था ब्रेड और बिस्किट उसके पास में नहीं था सोचा एक दिन नहीं दूंगा तो क्या फर्क पड़ेगा वह दरवाजा खोलकर भीतर चला जाता है ।
छोटे-छोटे पील्ले दरवाजे के बाहर इस विश्वास के साथ बैठ जाते हैं दरवाजा खुलेगा हमारे को जरूर ब्रेड और बिस्किट मिलेगा ।
उन की आवाज भी भीतर आराम से सुनाई दे रही थी अभिषेक का मन विचलित हो जाता है । फिर मन में विचार करता है एक दिन यदि बिस्किट ब्रेड नहीं दूंगा तो कौन सा फर्क पड़ने वाला है और वह आराम से लेट जाता है ।
1 घंटे के पश्चात फिर मन में भावना जागती है नहीं मेरे लिए कितना यह ध्यान रखते हैं इनको भोजन करना भी जरूरी है पर गांव कहां से अचानक उसकी याद आता है कल मेरे मेहमान आए थे उनके लिए मैंने बादाम के बिस्किट मंगवाए थे वह पड़े हैं चलो कोई बात नहीं इनको ही में खिला देता हूं तो अच्छा रहेगा बिस्किट बजेगी थोड़ी है पर एक-एक बिस्किट भी सब खा लेंगे तो उनका पेट भर जाएगा ।
दरवाजा खोलना है देखा है पांच में से चार पिल्लै तो जा चुके थे केवल एक पीला वहां पर इस विश्वास के साथ बैठा था अवश्य ही मेरे को भोजन मिलेगा ही । अभिषेक आश्चर्यचकित रह जाता है देखो इस एक पिल्ले के मां के अंदर मेरे प्रति कितना विश्वास है दरवाजा खुलेगा अभिषेक जरूर मेरे को बिस्किट ब्रेड देगा
अभिषेक सारे बादाम के बिस्किट उसके सामने रख देता है और वह पिला आराम से उन बिस्किट्टों को खाना प्रारंभ कर देता है आपने शनि या भरी दृष्टि के साथ एक बार में अभिषेक की तरफ देखा है मानो अभिषेक ने उसके ऊपर बहुत बड़ी कृपा की है पीला बिस्किट खाकर वहां से रवानाहो जाता है ।
अभिषेक पिल्ले को संतुष्ट होकर बिस्किट खाकर जाते हुए आराम से देखता रहता है उसके मन में विचार आता है हमारे साथ में भी तो ऐसा ही व्यवहार हो रहा है हम भगवान के ऊपर आस्था रखते हैं जब तक भगवान हमारे को देता रहता है तब तक हम हमेशा भक्ति करते रहते हैं भक्ति के साथ में फल का भी इंतजार करते रहते हैं । लेकिन भगवान हमारे को देने में कभी देरी कर देता है तो हमारे को भगवान के प्रतिबिंब संदेह है कि भाव उत्पन्न होने प्रारंभ हो जाती है दूसरी तरफ जो उसे पर विश्वास रखता है उसे उसके विश्वास से ज्यादा ही प्राप्त होता है ।
उसके मन में यह विश्वास थक जाता है हमारे को अपने प्रभु पर हमेशा ही विश्वास रखना चाहिए उसके कानों के अंदर बार-बार यही शब्द गुंजित होते रहते हैं ।
विश्वास वरदान देता है ।
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जय श्रीराम
Very good