सम्मान किस में है
सम्मान किस में है एक राजा ने किसी कारण से अपनी सेना के एक सेनापति से रुष्ट होकर उसे पदच्युत करके सूबेदार बना दिया। समय बीतने पर उसे सूबेदार को राजा के सम्मुख उपस्थित होना पड़ा। राजा ने पूछा- मैं...
सम्मान किस में है एक राजा ने किसी कारण से अपनी सेना के एक सेनापति से रुष्ट होकर उसे पदच्युत करके सूबेदार बना दिया। समय बीतने पर उसे सूबेदार को राजा के सम्मुख उपस्थित होना पड़ा। राजा ने पूछा- मैं...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " हमारे पास ऊपर वाले मालिक का दिया हुआ जो भी है उसी मे मौज कीजिए…और आनंद लीजिये.. क्योंकि… खुशियाँ तिजोरियों में नहीं,,,,अपनों से है। पैसा ही नहीं है सब कुछ, जीवन में खुशियाँ भी...
परम भक्त नरसी जी की कथा आज से लगभग 500-600 वर्ष पहले की बात है। एक नरसी नाम के श्रीकृष्ण जी के परम भक्त थे। परंतु थे बहुत ही कंजूस और 56 करोड़ की संपत्ति के मालिक थे। परमात्मा कहते...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " व्यस्त रहने से किसी भी व्यक्ति के आधे दुःख खत्म हो जाते है। यही पृथ्वी पर सबसे अच्छी और सस्ती दवा है….!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....
आपका मूल्य एक जाने-माने स्पीकर ने हाथ में पांच सौ का नोट लहराते हुए अपनी सेमीनार शुरू की. हाल में बैठे सैकड़ों लोगों से उसने पूछा ,” ये पांच सौ का नोट कौन लेना चाहता है?” हाथ उठना शुरू हो...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " स्वभाव वो ख़ुशबू है जिससे रिश्ते महकते हैं, सम्मान वो दान है, जिससे रिश्ते मजबूत होते हैं, कर्म वो पूजा है जिससे भाग्य बदलते हैं…..!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....
सुख की खोज जीवन में आत्मसंतुष्टि एवं विवेक के अभाव में एक धनवान व्यक्ति भी उतना ही दुःखी हो सकता है, जितना एक निर्धन व्यक्ति और आंतरिक समझ की बदौलत एक निर्धन व्यक्ति भी उतना सुखी हो सकता है जितना...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " चुनोतियों से कभी घबराना नही चाहिए, जीवन मे चुनोतियाँ हर किसी के हिस्से में नही आती क्योंकि..किस्मत भी किस्मत वालो को ही आजमाती है..!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....
इन्सानियत इन्सानियत का अर्थ केवल मनुष्य होने से नहीं, बल्कि हर जीव के प्रति करुणा, अपनापन और जिम्मेदारी निभाने से है। यह एक ऐसी भावना है जो भाषा, धर्म, जाति या प्रजाति की सीमाओं से परे होती है। कभी-कभी प्रकृति...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " कर्तव्य कोई ऐसी वस्तु नहीं जिसको नापतौल कर देखा जा सकता है, यह तो स्वयं की जागरूकता है….!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....