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Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-266

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जय श्री राधे कृष्ण …..

प्रभु तुम्हार कुलगुर जलधि कहिहि उपाय बिचारि, बिनु प्रयास सागर तरिहि सकल भालु कपि धारि ।।

भावार्थ:– हे प्रभु ! समुद्र आपके कुल में बड़े (पूर्वज) हैं, वे विचार कर उपाय बतला देंगे । तब रीछ और वानरों की सारी सेना बिना परिश्रम के ही समुद्र के पार उतर जायगी…….!!

दीन दयाल बिरिदु संभारी ।
हरहु नाथ मम संकट भारी ।।

सुप्रभात

आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो..

Lalit Tripathi
the authorLalit Tripathi
सामान्य (ऑर्डिनरी) इंसान की असमान्य (एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी) इंसान बनने की यात्रा

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