lalittripathi@rediffmail.com
Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-119

170Views

जय श्री राधे कृष्ण …….

जिन्ह मोहि मारा ते मैं मारे, तेहि पर बांधेउ तनय तुम्हारे, मोहि न कछु बांधे कइ लाजा, कीन्ह चहउँ निज प्रभु कर काजा ।।

भावार्थ:- तब जिन्होंने मुझे मारा, उन को मैंने भी मारा । उस पर तुम्हारे पुत्र ने मुझ को बांध लिया । (किन्तु) मुझे अपने बांधे जाने की कुछ भी लज्जा नहीं है । मैं तो अपने प्रभु का कार्य किया चाहता हूँ ….!!

सुप्रभात

आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो..

Lalit Tripathi
the authorLalit Tripathi
सामान्य (ऑर्डिनरी) इंसान की असमान्य (एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी) इंसान बनने की यात्रा

Leave a Reply