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Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-101

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जय श्री राधे कृष्ण …….

कछु मारेसि कछु मर्देसि कछु मिलएसि धरि धूरि, कछु पुनि जाइ पुकारे प्रभु मर्कट बल भूरि!!

भावार्थ:- उन्होंने सेना में से कुछ को मार डाला और कुछ को मसल डाला और कुछ को पकड़ – पकड़ कर धूल में मिला दिया । कुछ ने फिर जाकर पुकार की कि हे प्रभु! बंदर बहुत ही बलवान है……!!

दीन दयाल बिरिदु संभारी ।
हरहु नाथ मम संकट भारी ।।

सुप्रभात

आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो..

Lalit Tripathi
the authorLalit Tripathi
सामान्य (ऑर्डिनरी) इंसान की असमान्य (एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी) इंसान बनने की यात्रा

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